
हमारी आन्दोलन: आनंद मार्ग
हम आनंद मार्ग प्रचारक संघ, आनंद के विस्तार के मार्ग, द्वारा एकजुट हैं। यह सामाजिक-आध्यात्मिक आंदोलन, जिसकी स्थापना 1955 में श्री श्री आनंदमूर्ति जी ने की थी, का उद्देश्य एक गहरी आध्यात्मिक चेतना की ओर परिवर्तन लाना है जो सामाजिक और पारिस्थितिक न्याय के लिए बदलाव का मार्ग प्रशस्त करती है। हमारा ध्येय है: "आत्ममोक्षार्थं, जगहिताय च - आत्म-साक्षात्कार और सर्व सेवा।" हमारा विश्वास है कि आंतरिक शक्ति को जागृत करने और स्वयं तथा समस्त मानवता में निहित सच्ची क्षमता को साकार करने के लिए गहन आंतरिक कार्य, भक्तिपूर्ण प्रेम, आध्यात्मिक साधना, आत्म-अनुशासन और निःस्वार्थ सेवा आवश्यक है।